Saturday, April 14, 2018

Generation of computer

Computer History by Year  -- कंप्यूटर तकनिकी विकास के द्वारा जो कंप्यूटर के कार्यशैली तथा छमताओं में विकास हुआ इसके फलस्वरूप कंप्यूटर विभिन्न पीढ़ियों तथा विभिन्न प्रकार की कंप्यूटर  छमताओं  का निर्माण हुआ।
कार्य छमता के इस विकास को  कंप्यूटर जनरेशन कहा जाता है।


                                                    कंप्यूटर विकास की पीढ़ियां
कंप्यूटर की पहली पीढ़ी    -- (1940 -1956 )-  इलेक्ट्रोनिक सिग्नल को नियंत्रित और प्रसारित करने  ट्यूब  उपयोग किया गया इसमें  भारी - भरकम बड़े बड़े कंप्यूटर का निर्माण हुआ किन्तु  सबसे पहले उन्ही के द्वारा  परिकल्पना साकार हुई।  ये ट्यूब्स के आकर में बड़े तथा  उतपन्न करते थे तथा उनमे टूट फुट तथा ज्यादा खराबी  संभावना रहती थी और क्यूंकि ये कंप्यूटर  काफी बड़े थे इसलिए ये ज्यादा स्थान  थे।

दूसरी पीढ़ी (1956 -1963 ) - कंप्यूटर की दूसरी  ट्रांजिस्टर का आविष्कार हुआ।  तथा प्रथम पीढ़ी में उपयोग किये गए वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर को लगाया गया।  इस पीढ़ी के कम्पूटरो में ट्रांसिस्टर्स का एक साथ प्रयोग किया जाने लगा था।  जो वैक्यूम ट्यूब से कई ज्यादा सक्षम तथा सस्ते थे।   ट्रांजिस्टर आकर वैक्यूम ट्यूब  अपेक्षा काफी छोटा था. जिससे कम्पूटर काफी छोटे हुए  तथा  गणना करने  स्पीड और तेजहुई।पहली पीढ़ी  अपेक्षा इनका आकर छोटा तथा काम गर्मी उत्पन्न करने वाला था  और इनके इनके कार्य करने की छमता और अधिक बढ़ी।

तीसरी पीढ़ी (1964 - 1971 ) - इस पीढ़ी के कम्पूटरो का प्रायोग एक साथ अनेक कामो के लिए किया जा सकता था।  इस पीढ़ी में सिलिकॉन चिप का  आविष्कार हुआ।  कंप्यूटर आकर को और छोटा करने के तकनिकी  रहे  जिसके परिणाम स्वरुप सिलिकॉन चिप पर िटेग्रेटेड सर्किट निर्माण होने से कंप्यूटर में इनका उपयोग उपयोग  लगा।  जिसके फलस्वरूप कंप्यूटर के आकर  छोटा करने में सफलता मिली।  इनकी गति माइक्रो सेकंड से नैनो सेकंड  थी  जो स्माल स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के द्वारा संभव हो सका।

चौथी पीढ़ी (1971 -1985 )-  चौथी पीढ़ी के कम्पूटरो में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया गया जो हज़ारों ट्रांसिस्टर्स के बराबर है।  इसी के फलस्वरूप कंप्यूटर को  छोटा करना तथा उनकी गति को तेज कर पाना संभव हो सका।

पांचवी पीढ़ी (1971- वर्तमान )- कम्प्यूटर्स की  इस पीढ़ी में आर्टिफिशल इंटेलीजेन्स का प्रयोग किया गया है. तथा कृत्रिम बुद्धि का विकास किया गया है।  इस पीढ़ी के कंप्यूटर अभी पूरी तरह  से विकसित  नहीं हुए हैं।
इस पीढ़ी के कम्पूटरो को हम रोबोट के रूप में भी देख सकते हैं. और कार्य करने  यह मानव से  भी ज्यादा सक्षम होगा।

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